बंटवारे में सड़क किनारे की 10 फुट जमीन नहीं मिली तो चाचा ने मासूम भतीजे का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। मामला सारनाथ के भैसौड़ी गांव का है। आरोपी चाचा पंकज मौर्या की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात के आठ दिन बाद गुरुवार को कपसेठी थाना के भिस्कुरी गांव में वरुणा किनारे से बोरे में भरा करन (8) का कंकाल बरामद किया। बोरे के पास पड़ी शर्ट और चप्पल से घरवालों ने करन की शिनाख्त की। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। साथ ही, आरोपी चाचा के खिलाफ अपहरण और हत्या कर शव छिपाने का मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
सारनाथ थाना क्षेत्र के भैसौड़ी निवासी विजय मौर्या की गांव में ही सौंदर्य प्रसाधन की दूकान है। विजय ने बताया कि उनका बड़ा बेटा कक्षा तीन का छात्र करन आठ जून को दूकान से अचानक गायब हो गया। खोजबीन के बाद भी जब करन नहीं मिला तो नौ जून को विजय ने सारनाथ थाने में उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। करन की मां नीतू, दादा देवनाथ मौर्या और दादी फुलझरी देवी ने अपहरण में पट्टीदारी के ही पंकज मौर्य पर शक जाहिर किया। इस पर 11 जून को पुलिस ने पंकज को हिरासत में लिया। उसी रात पंकज की पत्नी को बच्चा पैदा हुआ और मर गया। परिवारवालों की गुहार पर पुलिस ने पंकज को छोड़ दिया।
करन का पता नहीं चलने पर उसके परिवारवालों ने फिर पुलिस से गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस ने फिर पंकज को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो मामला खुल गया। रिश्ते में करन के चाचा लगने वाले पंकज ने बताया कि वह आठ जून को करन को कालका धाम स्थित अपने किराये के कमरे में ले गया था। नौ जून की सुबह गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और फिर शव बोरे में भरकर वरुणा किनारे फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक बंटवारे में सड़क किनारे की 10 फुट जमीन न मिलने के कारण विजय के परिवार से पंकज रंजिश रखता था। सीओ कैंट राजकुमार यादव ने बताया कि हत्यारोपी पंकज को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की छानबीन की जा रही है।