मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मंगलवार को फर्जीवाड़ा कर असलहों के लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के आरोपी मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज की संपत्ति की कुर्की का आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि जारी कुर्की की उद्घोषणा की धारा 82 का अनुपालन नहीं किया गया है और आरोपी ने समर्पण के लिए एक दिन का समय मांगा है। ऐसे में संपत्ति की कुर्की का आदेश अभी नहीं दिया जा सकता है। मऊ सदर विधायक और अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना मुख्तार अंसारी के करीबी अशोक विहार कॉलोनी निवासी मेराज के खिलाफ बीते दिनों जैतपुरा और कैंट थाने में पांच मुकदमे दर्ज किए गए थे। मेराज को संरक्षण देने और सहयोग करने के आरोप में बीते दिनों पुलिस ने उसके भाई सेराज अहमद और भांजे परवेज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके साथ ही मेराज के घर पर कुर्की की उद्घोषणा का नोटिस चस्पा किया गया था। इसके बाद मेराज के जीजा सहित सात करीबियों के खिलाफ कैंट थाने में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। फिलहाल पुलिस टीमें मेराज की तलाश में वाराणसी सहित अलग-अलग जिलों में दबिश दे रही हैं।