वाराणसी। ई-रिक्शा का पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) नहीं देने और धमकी देने के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वाराणसी ने कैंट थाना पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया है। यह मामला ई-रिक्शा खरीदने के बाद आरसी न मिलने और पीड़ित को परेशान किए जाने से जुड़ा है। चेतगंज निवासी दीपक कुमार गुप्ता का आरोप है कि उसने 16 दिसंबर 2025 को 1.80 लाख की ई-रिक्शा खरीदी थी। 80 हजार रुपये नकद भुगतान किया था। शेष रकम के लिए फाइनेंस की व्यवस्था की गई थी। आरोप है कि कई महीने बाद भी दीपक को ई-रिक्शा का आरसी नहीं दिया गया। आरसी मांगने पर आरोपी टालमटोल कर रहा था। फरवरी और मार्च 2026 में ई-रिक्शा की किस्तें कटने के बावजूद उन्हें आरसी नहीं मिली। बाद में ई-रिक्शा की किस्तें कटनी बंद हो गईं, जिससे फाइनेंस संबंधी परेशानियां और बढ़ गईं। अज्ञात लोगों ने दीपक के घर पहुंचकर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। दीपक ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने 10 जुलाई 2026 को पुलिस आयुक्त, वाराणसी को एक प्रार्थना पत्र दिया। वहां से भी कोई राहत नहीं मिलने पर दीपक ने न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि कोर्ट के आदेश का पालन होगा। संवाद