महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के नए सत्र में काउंसिलिंग की व्यवस्था बदल दी गई है। अब एक सीट पर एक ही अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाएगा। पहले एक सीट पर तीन से चार अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग होती थी। प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद अभ्यर्थियों की प्रोविजनल प्रवेश सूची वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। 15 अगस्त के बाद प्रक्रिया शुरू होगी। सबसे पहले भैरव तालाब कैंपस में बीएससी एजी की काउंसिलिंग होगी।
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प्रवेश काउंसिलिंग के समन्वयक प्रो. केके सिंह ने बताया कि कट ऑफ मेरिट लिस्ट के अनुसार एक सीट पर पहली बार एक अभ्यर्थी को काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाएगा। इसकी सूचना अभ्यर्थी, अभिभावक के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर दो-दो बार भेजी जाएगी। इससे काउंसिलिंग में किसी भी अभ्यर्थी के अनुपस्थित होने की आशंका नहीं रहेगी। अर्ह अभ्यर्थी वेबसाइट पर लॉगिन कर एडमिशन काउंसिलिंग गेट पास डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही अंकपत्रों, प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेज की मूल प्रति, दो छाया प्रति सहित दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ दी गई काउंसिलिंग तिथि और समय के अनुसार सेंटर पर आना होगा। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रवेश काउंसिलिंग के समय जाति व आय का मूल प्रमाणपत्र पेश करना अनिवार्य होगा। ओबीसी के लिए एक जुलाई 2020 के पूर्व निर्गत जाति प्रमाणपत्र मान्य नहीं होगा। आरक्षित वर्ग की महिला अभ्यर्थी का जाति प्रमाणपत्र पिता के नाम और आय प्रमाणपत्र पति के नाम से बना होना चाहिए। अभ्यर्थियों को भारांक के प्रमाणपत्र काउंसिलिंग के समय पेश करना होगा। वेबसाइट पर प्रोविजनल प्रवेश सूची से नाम मिलान कर निर्धारित तिथि के अंदर प्रवेश शुल्क ऑनलाइन जमा करेंगे। प्रवेश शुल्क जमा करने के बाद प्रवेश अनुमति पत्र और शुल्क रसीद व अभिलेखों को एक सप्ताह के अंदर जमा करना होगा। मूल प्रमाणपत्रों के सत्यापन और प्रवेश शुल्क जमा करने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।