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‘अब महामारी से निजात दिला मौला’

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रोजा इफ्तार करते लोग। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। ऐ मौला, बस कर, अब इस महामारी से निजात अता फरमा। हम बंदे गुनहगार हैं रसूल के सदके में अब कोरोना से हम सबको बचा परवरदिगार। कुछ इस तरह की दुआएं रोजेदारों ने मस्जिदों और घरों में इफ्तार के दौरान खुदा के आगे हाथ फैला कर और रो-रो कर मांगी। जिले में लॉकडाउन के दौरान मुस्लिम समुदाय ने रविवार को पांचवा रोजा रखा। इफ्तार के दौरान उन्होंने रो-रो कर बारगाहे खुदावंदी में हाथ उठाए और कोरोना के बढ़ते संक्रमण से निजात दिलाने की दुआ की। मस्जिदों में भी कुछ ऐसा ही रहा। शाम को ज्योंही मगरिब की अजान हुई लोगों ने इफ्तार के पहले बारगाहे खुदावंदी में अपनी गुहार लगाई। कुछ लोग तो दुआ के दौरान फफक कर रो पड़े। शहर में लालदरवाजा, महुआबाग, कपूरपुर, रौजा, विशेश्वरगंज, कचहरी आदि इलाकों में वैसे ही लॉकडाउन से सन्नाटा पसरा रहा। मस्जिदों में भी कम ही नमाजी रहे। लेकिन जो रहे उन्होंने खुदा से इस जानलेवा बीमारी से बचाने की दुआ मांगी। घरों में बच्चों, बुजुर्गों और बड़ों ने भी इफ्तार के पहले खास तौर से दुआ की। कुरान हदीस में है कि अल्लाह तआला इफ्तार करने से पहले अपने बंदों की दुआओं को जरूर कुबूल फरमाता है। ग्रामीण इलाकों सैदपुर, मुहम्मदाबाद, सेवराई, बारा, करीमुद्दीनपुर, बहरियाबाद, दिलदारनगर, सुहवल, नंदगंज, देवकली, शादियाबाद में भी इफ्तार के बाद दुआएं मांगी गईं।
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