घोस्ट कंज्यूमरों ने बिजली निगम को करारी चपत लगाई है। 200 करोड़ की बिजली चटकर जिले के करीब 50 हजार कनेक्शन धारक अदृश्य हो गए हैं। उनके नाम पर कनेक्शन तो चल रहे हैं, लेकिन मौके पर उनका कोई रिकॉर्ड नहीं है। अब ऐसे उपभोक्ताओं की तलाश में बिजली निगम के अभियंता हवा में तीर मार रहे हैं।
जिले में अभियंताओं ने जांच की तो बिजली चोरी के 6795 मामले सामने आए। इनके पास 58 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया था। दबाव बढ़ा तो करीब 3200 बकायेदारों ने ओटीएस के तहत 30 करोड़ रुपये जमा कर दिए, लेकिन बिजली निगम आधा बकाया फिर भी नहीं वसूल पाया। अभियंताओं ने मौके पर जाकर देखा तो कई कनेक्शन ऐसे उपभोक्ताओं के नाम पर मिले, जो मौके पर थे ही नहीं। इन्हें विभाग की भाषा में घोस्ट कंज्यूमर नाम दिया गया है। ये ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने मकान बदला या कहीं और शिफ्ट हुए तो बिजली कनेक्शन का पीडी नहीं कराया। उनके नाम कनेक्शन चलता रहा और बिल आता रहा। अब बिजली निगम उनकी पीडी (कनेक्शन विच्छेद) कराने में जुटा है। अधीक्षण अभियंता अनिल वर्मा के मुताबिक घोस्ट कंज्यूमरों के पास भारी बिल बकाया है। ऐसे कनेक्शनों का पीडी कराया जा रहा है।
94781 नेवर पेड उपभोक्ता
बिजली निगम की जांच में जिले में 94781 ऐसे उपभोक्ता मिले, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद कभी बिजली बिल जमा ही नहीं किया। इनमें 9288 उपभोक्ता नगर क्षेत्र के हैं। यह आंकड़ा देखकर अभियंताओं के कान खड़े हो गए। अभियंताओं ने मौके पर जाकर स्थिति देखी तो घोस्ट कंज्यूमरों का पता चला।
अब चलेगा बिजली काटने का अभियान
बिजली निगम बकाए की वसूली के लिए सोमवार से बिजली काटने का अभियान चलाएगा। इसमें 10 हजार से बड़े बकाएदारों को निशाने पर रखा गया है। सर्किल कार्यालयों से सूची भेजे जाने के बाद उपकेंद्रों ने बकायेदारों को लाल नोटिस देना शुरू कर दिया है। पांच सौ लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। इसमें बिजली चोरी वाले मामलों पर ज्यादा फोकस रखा जाएगा।