बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि अस्पताल से डेढ़ साल में करीब 21 हजार दिल के रोगी बिना इलाज के लौट गए। आरोप लगाया कि एमएस से कई बार कहने के बाद भी सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के वार्ड पर भर्ती प्रक्रिया नहीं शुरू कराई गई।
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल से डेढ़ साल में करीब 21 हजार दिल के रोगी बिना इलाज के लौट गए। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में चौथे तल पर हृदय रोग विभाग के वार्ड में 41 बेड खाली होने के बाद भी एमएस प्रो.के के गुप्ता ने इस पर ताला लगा रखा है। इस वजह से मजबूरी में मरीजों को लौटाना पड़ा। यह आरोप हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में लगाते हुए एमएस पर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही तीन माह में बेड पर ठोस फैसला न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
प्रो. ओमशंकर ने एमएस पर गलत तरीके से कमेटियां बनवाए जाने का आरोप लगाया है। कहा कि रेट निर्धारण कमेटी, हॉस्पिटल अफेयर्स कमेटी, बेड एलोकेशन कमेटी, आईएमएस अफेयर्स कमेटी।
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इस तरह की कमेटियां बनवाएं जाने का कोई विश्वविद्यालय एक्ट में प्रावधान नहीं है। इस तरह की कमेटियां बनाकर अपना काम कराया जा रहा है। इसको लेकर कई पत्र कुलपति को लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।