भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) ने बुधवार को यूरोग्रीन क्रॉप साइंसेज के साथ लोबिया की काशी निधि और भिंडी की काशी सहिष्णु किस्मों के व्यावसायीकरण के लिए लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले भी इन्हीं किस्मों का कई बीज उत्पादक कंपनियों से करार हो चुका है। एग्रीबिजनेस इनक्यूबेटर और जोनल टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट यूनिट के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम का समन्वयन परियोजना अन्वेषक डॉ. नीरज सिंह ने किया। अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने की। निदेशक ने बताया कि किसानों तक उन्नत बीजों के प्रसार में सार्वजनिक और निजी दोनों की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आईआईवीआर ने 27 सब्जी फसलों में 129 से अधिक उन्नत किस्में विकसित की हैं।