बाढ़ का स्थायी समाधान करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ का स्थायी समाधान करें। वरुणा रिवर फ्रंट को मॉडल के रूप में विकसित करें। इसमें कोई सीवर व दूषित पानी न गिरे। बाढ़ के दौरान गंगा का पलट प्रवाह वरुणा नदी में न हो। वरुणा में हमेशा पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नदी के प्रवेश स्थल से लेकर जगह-जगह चेक डैम बनाने को कहा। नदी के दोनों तरफ सघन पौधरोपण करने को भी कहा। कहा कि असि और वरुणा नदी वाराणसी की प्राचीनतम पहचान है। इनके अस्तित्व को बचाने का कार्य करना है।
प्रत्येक विकास कार्य की मानीटरिंग के लिए नामित करें नोडल अधिकारी
सीएम ने कहा प्रत्येक विकास कार्य की मॉनिटरिंग के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करें। हर घर नल योजना के सभी कार्यों को शत प्रतिशत पूरा कराए। आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समय से निस्तारण करें। कहा कि इसके हीलाहवाली पर कार्रवाई की जाएगी।
ओवरलोडेट ट्रकों, वाहनों को जीरो प्वाइंट पर रोकें
सीएम योगी ने कहा कि ओवरलोडेड ट्रकों और वाहनों को जीरो प्वाइंट पर ही रोकें। उन पर कार्रवाई करें। टूरिस्ट पुलिसिंग को प्रभावी बनाएं। सुरक्षा के मद्देनजर फुट पेट्रोलिंग बढ़ाएं। होटलों, दुकानों, प्रतिष्ठानों आदि में लगे अग्निशमन यंत्रों को अपडेट रखने की व्यवस्था कराएं। नाविकों, स्ट्रीट वेंडरों, व्यापारियों आदि समूहों के साथ नियमित बैठक व संवाद सुनिश्चित करें।
डीएम ने मुख्यमंत्री को प्रोजेक्टर से दी परियोजनाओं की जानकारी
बैठक में डीएम ने मुख्यमंत्री के समक्ष शहर में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा लोक निर्माण आदि विभागों की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं की जानकारी प्रोजेक्टर से दी। मुख्यमंत्री को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कानून व्यवस्था की जानकारी दी।
बैठक में ये रहे शामिल
मुख्यमंत्री की बैठक में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, टी राम, कमिश्नर कौशल राज शर्मा, एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
देर रात निरीक्षण पर निकले मुख्यमंत्री ने अभियंताओं को दी हिदायत
देर रात कचहरी-आशापुर संदहा मार्ग के चौड़ीकरण, सारनाथ प्रो-पूअर तथा सारंग नाथ महादेव मंदिर के पुनर्विकास परियोजना के प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यदायी संस्थाओं और अभियंताओं को मानक के अनुरूप समय से काम पूरा कराने की हिदायत दी। कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सारंगनाथ मंदिर में दर्शन पूजन, बाढ़ राहत शिविर में बच्चों को दीं टॉफियां
मुख्यमंत्री ने सारंग नाथ महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया। वहां से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने जेपी मेहता इंटर कॉलेज में बने शिविर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। राहत शिविर में रहने वालों से हालचाल पूछा। उन्हें खाद्य सामग्री दी। बच्चों को टॉफी भी बांटी।