इसके अलावा आरोपी सिविल इंजीनियर के आवासीय परिसर की जांच की गई। कई फाइल और दस्तावेज खंगाले गए। सीबीआई की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। उधर, सीबीआई के छापा से बरेका अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
पूर्व सांसद के दामाद सिविल इंजीनियर ओमप्रकाश सोनकर की अधिकतर नौकरी पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में ही हुई है। बीच में तीन साल के लिए गोरखपुर मंडल में तबादला हुआ था, लेकिन तगड़ा जैक लगाकर पुन: बनारस मंडल यानी कि अपने घर आ गया।
एक ठेकेदार ने बताया कि नोटबंदी के दौरान सिविल इंजीनियर ने पुराने नोट को सोने के बिस्किट के रूप में बदला। ठेकेदारों से उपहार में अब भी सोने के बिस्किट और महंगी मोबाइल लेते हैं। लग्जरी गाड़ियां कई हैं, हाल ही में अपने घर में बहुत बड़ी एलईडी टीवी भी लगाई।
लग्जरी और अत्याधुनिक सुख सुविधाओं से लैस मकान में दस नौकर रखे हुए हैं। यूनियन के नेताओं ने बताया कि ओपी सोनकर के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप पहले भी लगते थे लेकिन तगड़ी सेटिंग और प्रभाव के चलते बचता गया। सिविल इंजीनियर ओपी सोनकर की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने घंटे भर तक फुलवरिया स्थित निजी मकान को खंगाला।
इस दौरान आलीशान मकान और अंदर हुए इंटीरियर को देख सीबीआई टीम की आंखें चौंध गई। रेलवे ठेकेदार को टेंडर का बिल पास करने के लिए पिछले कई माह से दौड़ाने और रिश्वत के आरोपी सिविल इंजीनियर की गिरफ्तारी से बरेका में हड़कंप है।
उधर, इस मामले में कुछ भी कहने से बरेका अधिकारी और कर्मचारी चुप्पी साध गए। कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने दबी जुबान से कहा कि सिविल इंजीनियर के कार्यशैली से कई ठेकेदार पीड़ित हैं। वरिष्ठ अभियंता ओपी सोनकर के ऊपर गोरखपुर में तैनाती के दौरान भी भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे।
सिविल इंजीनियर ओम प्रकाश सोनकर ने अपनी बेटी की शादी आईएएस से की है। अशोक विहार में रहने वाला आईएएस दामाद अब बाहर चला गया है। कर्मचारी यूनियन के एक नेता ने दावा किया कि उधर सिविल इंजीनियर के यहां छापा पड़ा तो प्रशासनिक कार्यालय के दूसरे तल के कई कार्यालय खुल गए। फाइलें और दस्तावेजों को हटाने का सिलसिला रात तक चला।