वाराणसी। श्रीविद्यामठ में आज आदि गुरु शंकराचार्य के परमप्रिय शिष्य और ज्योतिर्मठ के प्रथम आचार्य श्री तोटकाचार्यका पट्टाभिषेक दिवस मनाया गया। मठ परिसर में भंडारा और प्रसाद ग्रहण सहित कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।तोटकाष्टकम् के सामूहिक सस्वर पाठ के माध्यम से भगवान श्री तोटकाचार्य की प्रतिमा का विशेष पूजन किया गया। प्रभारी परमात्मानंद ने बताया कि आचार्य गिरि ने अपनी अनन्य गुरु-भक्ति के माध्यम से “तोटक” छंद में स्तुति कर अद्वैत दर्शन को सरल रूप में प्रस्तुत किया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सहारनपुर के शाकंभरी शक्ति पीठ में कहा कि तोटकाचार्य का जीवन सेवा और समर्पण की पराकाष्ठा है। उन्होंने सिद्ध किया कि गुरु की कृपा से सेवा करते हुए भी ज्ञान की प्राप्ति संभव है। इस अवसर पर दंड़ी स्वामी दुर्गानंद सरस्वती, साध्वी पूर्णांबा, साध्वी शारदांबा, ब्रह्माचारी परमात्मानंद, और मठ के प्रबंधक कृष्ण कुमार द्विवेदी सहित अन्य उपस्थित रहे।