केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त स्कूलों में बाल वाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक भारतीय भाषाओं में पढ़ाई होगी। सीबीएसई बोर्ड के निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. जोसेफ इमानुवल ने केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, ओडिशा आदर्श विद्यालय, सैनिक विद्यालय सोसायटी समेत अन्य सहयोगी संगठनों को इस संबंध में पत्र लिखा है। पत्र के मुताबिक, वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के तहत संविधान की अनुसूची 8 में उल्लिखित भारतीय भाषाओं में पढ़ाई करवा सकते हैं।
सीबीएसई बोर्ड ने सभी हितधारकों को भेजे गए पत्र में लिखा है कि वे बालवाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक के छात्रों को अन्य विकल्पों के साथ भारतीय भाषाओं में पढ़ाई का विकल्प दे सकते हैं। विद्यालय इस संबंध में उपलब्ध संसाधनों का अध्ययन, क्षेत्र के विशेषज्ञों से परामर्श भी ले सकते हैं। एनईपी 2020 की सिफारिशों के तहत एनसीईआरटी 22 भारतीय भाषाओं में पुस्तकें तैयार कर रहा है। इसलिए वे भारतीय भाषाओं का विकल्प दे सकते हैं। फिलहाल सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी और हिंदी है।
2024 सत्र से मिलेंगी एनसीईआरटी किताबें
एनसीईआरटी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2024 के लिए 22 भारतीय भाषाओं में स्कूली शिक्षा की किताबों को अनुवाद करके मुहैया करवाया जाए। उम्मीद है कि जुलाई आखिर या अगस्त के पहले या दूसरे हफ्ते में एनसीएफ 2023 जारी हो जाएगा।