श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मुकदमा चलाने योग्य है। उक्त निर्णय उत्तर प्रदेश के उच्च न्यायालय ने गुरुवार को दिया है। इस आदेश का अखिल भारतीय संत समिति ने स्वागत किया है। समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा कि बहुसंख्यक समाज को उसका हक मिलना ही चाहिए।
कहा कि श्रीराम जन्मभूमि, श्रीकृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ मंदिर के मुकदमे सुनवाई योग्य थे, हैं और आगे भी रहेंगे। कहा कि ऐसे मामलों में राजनैतिक बाधाएं डालीं जा रही हैं, यह ठीक नहीं है। यह स्वस्थ्य और सभ्य समाज का हिस्सा नहीं है। हिन्दू समाज संविधान के इतर जाकर कोई भी बात नहीं करता। संपूर्ण हिन्दू समाज को यह पूर्ण विश्वास है कि श्रीकृष्ण भूमि पर भी श्रीराम जन्मभूमि की तरह ही फैसला आए। ताकि यहां भी भव्य और दिव्य मंदिर बन सके।