बीएचयू की पत्रकारिता व जनसंचार विभाग की अध्यक्ष डॉ. शोभना नर्लिकर ने घटना के सवा तीन महीने बाद दो असिस्टेंट प्रोफेसर व दो छात्रों के खिलाफ मारपीट, एससी एसटी एक्ट और छेड़छाड़ समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है।
डॉ. शोभना नर्लिकर ने लंका थाने की पुलिस को जो तहरीर दी है, उसके मुताबिक वह 22 मई को विभाग में थीं। विभाग के ही असिस्टेंट प्रोफेसर सुवर्ण सुमन, अमिता कुमारी, प्रिंस पांडेय और अंकित पांडेय दोपहर लगभग दो बजे पहुंचे और गेट बंद कर दिया। आरोप है कि शिक्षकों ने पकड़ लिया और प्रिंस, अंकित ने पिटाई की। सुवर्ण सुमन ने मोबाइल से घटना की रिकॉर्डिंग भी की। शोर मचाने पर आसपास के लोग आए तो आरोपी भाग निकले। उनका आरोप है कि सब जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करके दुष्प्रचार करते हैं। एसीपी भेलूपुर के आदेश पर लंका पुलिस ने चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
आरोप-प्रत्यारोप, प्रदर्शन भी हुआ
बीएचयू के पत्रकारिता विभाग में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। विभागाध्यक्ष जहां विभागीय शिक्षकों व छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, वहीं छात्रों ने भी डॉ. नर्लिकर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पिछले महीने सप्ताह भर तक धरना दिया था। इसकी शिकायत कुलपति से भी की थी। विभाग के शिक्षकों से डॉ. नर्लिकर की कई बार नोकझोंक हो चुकी है। विभाग के एक वरिष्ठ प्रोफेसर से भी डॉ. नर्लिकर का विवाद हो चुका है। वरिष्ठ प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत भी की थी।