बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर और परीक्षा नियंता से दुर्व्यवहार, धमकी देने के आरोप में बृहस्पतिवार को चार छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में तैनात सहायक सुरक्षा अधिकारी ने लंका थाने की पुलिस को जो तहरीर दी है, उसके मुताबिक पीएचडी की नियमावली में बदलाव की मांग को लेकर आंदोलित क्षितिज कुमार उपाध्याय, श्वेतम उपाध्याय, दर्शित पांडेय और अभिषेक उपाध्याय ने परीक्षा नियंता को धमकाया है।
विश्वविद्यालय की शोध प्रवेश परीक्षा की नियमावली पर सवाल उठाते हुए छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अनिश्चितकालीन धरने के साथ ही अनशन भी शुरू कर दिया है। सहायक सुरक्षा अधिकारी की तहरीर के अनुसार, धरनारत छात्रों की 10 अक्तूबर को विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ एलडी गेस्ट हाउस में बैठक थी। इसमें चीफ प्रॉक्टर प्रो शशि प्रकाश सिंह और परीक्षा नियंता प्रो एनके मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। चार छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनके साथ और भी छात्र आ गए। परीक्षा नियंता के साथ दुर्व्यवहार करने लगे। साथ ही मांग न माने जाने की स्थिति में जान से मारने की धमकी देने लगे। इससे अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - प्रो शशि प्रकाश सिंह, चीफ प्रॉक्टर
कार्रवाई का छात्रों ने किया विरोध
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मुकदमा दर्ज कराए जाने का विरोध किया गया है। केंद्रीय कार्यालय पर धरने पर बैठे छात्रों ने का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। मुकदमा तत्काल वापस करने की मांग की गई। छात्रों कहा कि परीक्षा नियंता के साथ दुर्व्यवहार या धमकी नहीं दी गई। बृहस्पतिवार को 17वें दिन भी अनशन जारी रहा।