वरुणा पार क्षेत्र को बिजली कटौती मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए विद्युत वितरण मंडल द्वितीय की ओर से तैयारी की गई है। इसमें सबसे अधिक समस्याओं से जूझने वाला पन्नालाल उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा वरुणापार क्षेत्र में 76 नए ट्रांसफार्मर लगेंगे और साथ ही 102 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए 70.94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उम्मीद है कि इस महीने के अंत से काम शुरू होगा।
नगर निगम की सीमा विस्तार के बाद सबसे अधिक आबादी वरुणा पार क्षेत्र में बढ़ी है। साथ ही यह क्षेत्र हमेशा वीवीआईपी मूवमेंट्स की जद में रहता है। बीते अप्रैल, मई और जून महीने में बिजली कटौती की समस्याओं से इधर के ही लोगों को अधिक जूझना पड़ा है। इसे देखते हुए विद्युत प्रणाली सुधार योजना और व्यवसायिक योजना 2023-24 के तहत विद्युत वितरण मंडल द्वितीय की ओर से बिजली आपूर्ति हर हाल में सामान्य करने के लिए काम कराएं जाएंगे। इसमें सर्वप्रथम नगर निगम के पुराने परिसीमन क्षेत्र में काम होंगे। योजना के तहत जिन ट्रांसफार्मरों को बदला जाना है, उन्हें 250 केवीए से बदल कर 400 केवीए किया जाएगा। साथ ही 250 केवीए के नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इतने ही काम बराबर धनराशि की लागत से विद्युत वितरण मंडल प्रथम में भी कराए जाएंगे।
पन्ना लाल उपकेंद्र होगा समस्या मुक्त
आगामी दिनों में नदेसर के पास स्थित पन्ना लाल उपकेंद्र को समस्याओं से निजात मिलेगी। यहां 33/11 केवीए का उपकेंद्र है। नया उपकेंद्र बनाकर इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे बिजली कटौती के साथ ही लो वोल्टेज की समस्या भी नहीं आएगी बीते दिन की बात हो जाएगी। बीते दिनों इस उपकेंद्र से सर्वाधिक शिकायतें बिजली निगम को मिली है।
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ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ने से नहीं होगी ओवरलोडिंग
वरुणा पार क्षेत्र के 21 उपकेंद्रों पर चल रहे फीडरों पर वर्तमान में क्षमता से अधिक लोड है। क्षेत्रों में लगे ट्रांसफार्मर भी इसका शिकार हैं। इस कारण बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या है। आए दिन ट्रांसफार्मर जलने का मामला सामने आता है। नए उपकेंद्र बनने और अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर लगने से लोड घटेगा। इससे सभी फीडर क्षमता के अनुरूप चल सकेंगे और ट्रिपिंग की समस्या कम आएगी।
वर्जन
वरुणा पार क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या से निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इस काम के बाद काफी हद तक क्षेत्र को कटौती व अन्य समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। इस महीने के अंत तक सभी काम शुरू कराए जाएंगे। - अनिल वर्मा, अधीक्षण अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण मंडल द्वितीय
एक नजर में
क्षेत्र में बिजली की मांग - 300 मेगा वाट
उपकेंद्रों की संख्या - 21
आबादी - 12 लाख से अधिक