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Varanasi News: कबाड़ी को घर में बुलाकर चाकू से गोदा, फिर रेत दिया गला

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कालभैरव मंदिर के समीप नायक बाजार गली में शनिवार की शाम युवक ने कबाड़ी को अपने घर के अंदर बुलाया। इसके बाद उसने चाकू से कबाड़ी पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। कबाड़ी जान बचाने के लिए भागा तो युवक उसका पीछा कर मकान के भूतल पर उसका गला रेत कर उसे मार डाला। युवक की करतूत देख उसके पिता पुलिस को बुलाने गए, तब तक वह खुद ही कोतवाली थाने जाकर समर्पण कर दिया।
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कालभैरव मंदिर के समीप नायक बाजार गली में फायर ब्रिगेड से सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल वीरेंद्र नाथ मिश्रा का मकान है। वीरेंद्र नाथ मिश्रा ने बताया कि शाम चार बजे के लगभग कबाड़ खरीदने वाला पुराना पुल निवासी दिनेश अग्रहरि (32) उनके मकान के पास पहुंचा। उनके इकलौते बेटे आशुतोष ने कबाड़ी दिनेश को आवाज दी और अपने मकान की तीसरी मंजिल पर ले गया। कमरे में दोनों के बीच किसी बात या लेनदेन को लेकर कहासुनी हुई और फिर आशुतोष ने दिनेश के ऊपर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिया। जान बचाने के लिए दिनेश मकान की सीढ़ियों से नीचे की ओर भागा तो आशुतोष उसके पीछे दौड़ते हुए आया और घर के आंगन में उसका गला रेतकर हत्या कर दिया। वीरेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि घटना को देख वह सन्न रह गए और भाग कर कोतवाली थाने जाकर पुलिस को सूचना दी। तब तक उन्होंने देखा कि आशुतोष खुद ही पैदल चल कर कोतवाली थाने जाकर समर्पण कर दिया। इस संबंध में कोतवाली थानाध्यक्ष अश्वनी चतुर्वेदी ने बताया कि वारदात की वजह को लेकर आरोपी चुप्पी साधे हुए है। गिरफ्त में आए आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है।

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बच्चों के साथ पत्नी गई है मायके, परिजनों ने किया हंगामा

पुराना पुल क्षेत्र निवासी दिनेश दो भाइयों में छोटा था। उसकी हत्या की सूचना पाकर बड़ा भाई अजय और मां मीना रोते-बिलखते हुए परिजनों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे। सभी दिनेश की हत्या को लेकर कोतवाली थाने में हंगामा करने लगे। दिनेश के बहनोई और भाई अजय ने शव को कब्जे में लेने का विरोध किया तो कोतवाली थाने के एक होमगार्ड और एक सिपाही ने उनके साथ हाथापाई की। पुलिस का रवैया देखकर दिनेश के परिजन रोते-बिलखते हुए जमीन पर बैठ गए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी को शांत कराया। उधर, परिजनों ने बताया कि दिनेश की शादी 10 साल पहले मुंबई की रहने वाली ज्योति से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे लाडू (9), मिष्ठी (4) और दो वर्षीय लल्ला हैं। परिजनों ने बताया कि ज्योति अपने बच्चों के साथ करीब 10 दिन पहले मुंबई स्थित अपने मायके गई है। दिनेश को चाकू मारे जाने की सूचना पाकर वह मुंबई से ससुराल के लिए रवाना हो गई है।
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कालभैरव मंदिर की ओर अक्सर आता-जाता था दिनेश


कबाड़ खरीदने का काम करने वाला दिनेश अग्रहरि अक्सर कालभैरव मंदिर क्षेत्र की ओर आता-जाता था। जिस घर में दिनेश की हत्या हुई है, उससे लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर उसकी रिश्तेदारी के मामा का मकान है। उन्हें जब दिनेश की हत्या की सूचना मिली तो उन्होंने यकीन ही नहीं किया। जब परिजनों का फोन आया तो दिनेश के मामा समेत अन्य लोग भाग कर कोतवाली थाने पहुंचे।
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ऑनलाइन मंगवाया था फैंसी चाकू

हत्या के आरोपी आशुतोष के पास से जो फैंसी चाकू बरामद हुआ है, उसे वह ऑनलाइन मंगवाया था। वह सामान्य चाकू से अलग नेपाली खुखरी जैसा प्रतीत हो रहा था। आशुतोष के कमरे में शीशा फूटा हुआ था और सामान भी अस्त-व्यस्त था। इसे लेकर पुलिस का कहना था कि आशुतोष ने जब दिनेश पर चाकू से वार किया होगा तो वह उसे पकड़ने की कोशिश की होगा। उसी दौरान शीशा फूटने के साथ ही सामान अस्त-व्यस्त हुआ होगा। पुलिस ने फिलहाल आशुतोष का कमरा सील कर दिया है।
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कागज-पेन दो तो लिखकर बताएं, मारना है तो मार लो

बीबीए उत्तीर्ण आशुतोष फिलहाल घर पर ही रहता था और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग से जुड़ी चीजें सीख रहा था। कोतवाली थाने की हवालात में वह बेहद गुस्से में नजर आ रहा था और एक जगह स्थिर होकर नहीं बैठ रहा था। उसका स्वभाव बेहद ही असामान्य प्रतीत हुआ। पुलिस ने उससे घंटों पूछताछ की, लेकिन वह यह नहीं बताया कि उसने दिनेश की हत्या क्यों की है। रात में उसने पुलिस से कहा कि कागज और पेन दो तो लिख कर बताएं कि क्यों हत्या की है। आशुतोष की हरकतें देख पुलिस ने उसे पेन नहीं दिया। इसके साथ ही उसका कहना था कि पुलिस का मन है तो उसे बल भर मार ले, लेकिन वह किसी को कुछ नहीं बताएगा।
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