0 बड़ा लालपुर की वीडीए कॉलोनी फेज-1 स्थित एनटीपीसी के रिटायर्ड इंजीनियर के मकान में रविवार की दोपहर चाकू लेकर दो बदमाश घुसे। बदमाशों ने ढाई साल की बच्ची के गले पर चाकू सटा कर उसे और उसकी शिक्षिका मां को बंधक बना लिया और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी। सूचना पाकर पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन सहित छह थानों की पुलिस, क्राइम ब्रांच और पीएसी मौके पर पहुंची। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बदमाशों को दबोच कर उनके चंगुल से मां-बेटी को मुक्त कराया गया। धरपकड़ के दौरान बदमाशों का चाकू एसीपी कैंट के हाथ में दो-तीन जगह लगा, लेकिन उन्होंने उसकी परवाह न करते हुए उन्हें पकड़े ही रखा। शिक्षिका को भी चाकू से खरोंच लगी है।
बदमाशों की पहचान चोलापुर क्षेत्र के भटपुरवाकला निवासी विश्वजीत कुमार गोंड और बिहार के भभुआ के रामगढ़ के मनीष पासवान उर्फ प्रिंस के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक घटना का मास्टरमाइंड विश्वजीत है। सोमवार को दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।
शिवपुर थाना क्षेत्र के बड़ा लालपुर की वीडीए कॉलोनी फेज-1 में एनटीपीसी से रिटायर्ड इंजीनियर भाईलाल पत्नी विद्या रानी के साथ ही दो बेटों, दो बहुओं और पोती के रहते हैं। रविवार की दोपहर लगभग एक बजे मकान के भूतल स्थित पहले कमरे में भाईलाल अपनी ढाई साल की पोती मैत्री के साथ सो रहे थे और दरवाजा खुला था। इसी बीच बैग लिए हुए नकाबपोश दो बदमाश घर में घुस गए। दोनों ने सो रही मैत्री को गोद में उठाकर उसके गले से चाकू सटा दिया। फिर, 10 लाख रुपये की मांग की और पैसा न देने पर मैत्री को जान से मारने की धमकी दी। घबराए भाईलाल शोर मचाते हुए कमरे से बाहर भागे और दरवाजा बंद कर पुलिस को सूचना दिए।
मासूम मैत्री रोने लगी तो उसकी शिक्षिका मां सोनी मकान के प्रथम तल से नीचे आई। सोनी ने बदमाशों से बेटी को खाना खिलाने की विनती की तो बदमाशों ने उन्हें भी घर के अंदर करके एक अन्य कमरे में मैत्री के साथ बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने रुपये के साथ ही शहर से बाहर जाने के लिए वाहन की मांग की। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस महकमा सांसत में आ गया। एसीपी कैंट डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी व शिवपुर थानाध्यक्ष वैद्यनाथ सिंह अन्य थानों की फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ देर में ही पीएसी और पुलिस बल के साथ डीसीपी वरुणा जोन अमित कुमार भी आ गए। इसके साथ ही पूरे इलाके को सील कर दिया गया। एसीपी कैंट रिटायर्ड इंजीनियर के परिवार का सदस्य बनकर घर के अंदर गए। बदमाशों से बात की और उनकी नियत भांप कर बाहर आ गए। पुलिस के मुताबिक बदमाश बच्ची को मौत के घाट उतार सकते थे, इसलिए सावधानी जरूरी थी। दोबारा बातचीत के क्रम में ही लगभग 3:40 बजे दोनों बदमाशों को पुलिस ने दबोच कर मां और बेटी को उनके चंगुल से मुक्त करा लिया।
पुलिस टीम को 50 हजार का इनाम
पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने मां-बेटी को सकुशल बचा कर दो बदमाशों को गिरफ्तार करने वाले शिवपुर थानाध्यक्ष वैद्यनाथ सिंह और एसओजी प्रभारी सुनील कुमार सिंह व उनकी टीम को 50 हजार रुपये का नगद इनाम देने की घोषणा की। पुलिस आयुक्त ने बताया कि दोनों बदमाशों की गिरफ्तारी में शामिल अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) एस चनप्पा, डीसीपी वरुणा जोन अमित कुमार, एडीसीपी वरुणा जोन मनीष कुमार शांडिल्य, एसीपी कैंट डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी, एसओजी प्रभारी सुनील कुमार सिंह और शिवपुर थानाध्यक्ष वैद्यनाथ सिंह को डीजी कमेंडेशन डिस्क प्रदान करने के लिए संस्तुति की गई है।
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हमारी फोर्स और खासतौर से एसीपी कैंट ने बेहद ही पेशेवर तरीके से इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मां-बेटी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। दोनों बदमाश गिरफ्तार कर लिए गए हैं। ऑपरेशन में शामिल पुलिस कर्मी बधाई के पात्र हैं। - मुथा अशोक जैन, पुलिस आयुक्त।