कमिश्नरी में मंगलवार को विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि वाराणसी के विकास भवन की तर्ज पर हर जिले में एक डेडिकेटेड कंट्रोल रूम बनाए जाएं। आईजीआरएस का निस्तारण नए शासनादेश के अनुसार हो। लाभार्थियों का फिर से सर्वेक्षण से चयन, सूची संशोधन करें। आधार कार्ड डेटाबेस की स्क्रीनिंग कराएं। मृतक, विस्थापित आदि केस के अनुसार अपडेशन करें। जिलों की मासिक एवं वार्षिक रैंकिंग के लिए लक्ष्य निर्धारित करने, विभागों की नियमित बैठकों पर फोकस करें। माह के अंत मेंं विकास एवं राजस्व की बैठक करें। शासन को भेजने से पहले प्रपत्रों को विभागवार सत्यापित कराएं। इसके बाद जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी स्तर से सत्यापन कराएं। सभी डीएम ग्रामीण अंचलों में साप्ताहिक शिविर लगा कर योजनाओं को समझाएं। जनसमस्याओं का तुरंत समाधान कराया जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि सभी शिकायतों, तहसील दिवस-कोर्ट आदि के प्रार्थनापत्र, नेगेटिव न्यूज आदि का पूरा रिकॉर्ड रखें। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सचिव, नगर निगम में ज़ोनल अधिकारी, शहरी क्षेत्रों में अधिशासी अभियंताओं को जिम्मेदारी दें। सभी डीएम राजस्व के कार्यों में वरासत दर्ज कराके खतौनी वितरण कराएं। दो माह में पट्टा आवंटन के लक्ष्य पूरा किया जाए। न्यायालय में लंबित उन प्रकरणों का विवरण जुटाएं। जो सरकारी कर्मचारी के बयान के कारण लंबित हैं। एक माह में लेखपाल और कानूनगो के बयान एवं गवाही कराके मामलों का समाधान कराएं।
जल जीवन मिशन के तहत वाटर कनेक्शन वितरण की निगरानी करें। उद्योग बंधुओं की मासिक बैठक कराएं। भीषण गर्मी को देखते हुए शहर के गो-आश्रय केंद्रों में पेयजल, भूंसा आदि की व्यवस्था कराएं। हर सप्ताह हर ब्लॉक के दो गांवों में चौपाल लगाकर समस्या का समाधान करें। प्रत्येक ग्राम पंचायत की शिकायतों का अलग-अलग रजिस्टर बने और सभी स्रोतों से मिली शिकायतें उसमें दर्ज कर समाधान कराएं। सचिव विकास कार्यों और लेखपाल भूमि विवादों के रजिस्टर अलग-अलग बनाएं। इसी प्रकार नगर निकायों में निकाय वार और नगर निगम में जोन वार रजिस्टर में सभी शिकायतें दर्ज कर उनका समाधान कराया जाए। बैठक में चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी के जिलाधिकारियों के अलावा मुख्य विकास अधिकारी शामिल रहे।
नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ बनाएं समन्वय
नगर निगम स्तर से आंगनबाड़ी, सरकारी स्कूलों आदि के सुंदरीकरण, पुनर्विकास आदि की कार्ययोजना बनाएं। मुख्य विकास अधिकारियों से कहा कि एडीएम के साथ नवनिर्वाचित सभासदों/पार्षदों के साथ समन्वय स्थापित करें। वार्डवार नए प्रयास किए जाए। उनके वार्ड में सफाई आदि की व्यवस्था पर भी फीडबैक प्राप्त कर कार्य कराएं। प्रधानों, सभासदों, पार्षदों, जि़ला पंचायत सदस्यों के लिए सम्मेलन कराया जाए।
नदी किनारों के क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराएं
नदियों के किनारे के क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराएं। पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त कराएं। सभी तालाब, नहर आदि वाटर रिचार्जिंग कराएं। वरुणा-असि नदी मार्ग के पास तालाबों में वाटर रिचार्जिंग का कार्य कराएं। नदी से सटे गांवों में साफ सफाई, प्लास्टिक-मुक्त, आर्गेनिक फार्मिंग आदि जैसी मुहिम के लिए गांव वालों को प्रेरित करें। अनधिकृत कब्जे हटवाएं। नगर निगम, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्वामित्व की भूमि का विवरण संकलित कर स्टॉक रजिस्टर बनाया जाए।