वाराणसी कचहरी में अतुल राय के अधिवक्ता
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लोकसभा चुनाव जीतने के बाद 22 जून 2019 को अतुल राय ने वाराणसी की कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। तब से वह जेल में ही हैं। मौजूदा समय में वह प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं।
माफिया मुख्तार के करीबी अतुल रा्य पर दर्ज हैं 27 मुकदमे
कभी माफिया मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी रहे अतुल राय पर कुल 27 आपराधिक मुकदमे दर्ज है। 2009 में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। बीएससी की पढ़ाई के दौरान ही अतुल राय का झुकाव जरायम और सियासत की ओर हुआ और वह मऊ सदर के पूर्व विधायक माफिया मुख्तार अंसारी से जुड़ गया। इसके बाद वह फिर कभी पीछे नहीं देखा।
मुख्तार के शह पर मोबाइल टावर में तेल सप्लाई के कारोबार से लेकर बरेका में ठेका और रियल एस्टेट कारोबार से आगे बढ़े अतुल राय ने पहली बार में ही बसपा के टिकट पर घोषी से चुनाव जीता। इस चुनाव के बाद से ही मुख्तार और अतुल में दूरियां बढ़ गईं। बेटे अब्बास को घोषी से सांसद बनाने का सपना देखने वाले मुख्तार के हाथ से बसपा का टिकट छीनने वाले अतुल राय ने अपनी जान को मुख्तार से खतरा भी बताया है।
सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता और उसके गवाह साथी ने पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए 16 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह किया था। दुष्कर्म पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था।
इसी मामले में भेलूपुर के पूर्व सीओ अमरेश सिंह बघेल को भी 30 सिंतबर को बराबंकी से गिरफ्तार किया गया था। बघेल अब भी जिला जेल चौकाघाट में बंद है। वहीं, बनारस के तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक, तत्कालीन एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी पर शासन स्तर से कार्रवाई हुई थी और कैंट इंस्पेक्टर राकेश सिंह व दरोगा गिरजा शंकर सिंह यादव को पुलिस आयुक्त ने निलंबित करते हुए जांच बैठा दी थी। गाजीपुर, बलिया और बनारस तक इस घटना से लोगों में उबाल था।