बीएचयू में 110वां शैक्षणिक सत्र 2026-27 सोमवार को श्रीविश्वनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक और पूजा अर्चना कर शुरू किया गया। 1916 में बीएचयू का शिलान्यास हुआ था। सोमवार को पहली बार कुलपति ने मंदिर में ही छात्र और छात्राओं को संबोधित किया। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हाल ही में विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों के आत्महत्या पर दुख जताया और उनके बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ सतत संवाद बनाए रखा जाएगा। उनके प्रति संवेदनशील रहने की जरूरत को भी बताया। उनके साथ कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह सहित सभी निदेशक और डीन मौजूद रहे। पूजा के बाद कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और अनुसंधान विवि की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बने रहेंगे। हर पहल के केंद्र में विद्यार्थी हित ही होना चाहिए। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के कल्याण के लिए विवि निरंतर हर संभव प्रयास करता रहेगा। उन्होंने विवि परिवार से विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक, सहयोगपूर्ण और प्रेरणादायी शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों और अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने के साथ ही चिकित्सा विज्ञान संस्थान में रोगियों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर चर्चा की। छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह ने कहा कि परिवहन सुविधा, खेल अवसंरचना और मानसिक स्वास्थ्य सहायता सहित विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। कई सुविधाओं और सहयोग को पहले से मजबूत किए जा रहे हैं।