बीएचयू के छात्र और छात्राओं को स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती त्यागी के तप, त्याग, वैदिक साधना, आध्यात्मिक दृष्टि और भारतीय ज्ञान-परंपरा बताई जाएगी। 15 जुलाई को वैदिक विज्ञान केंद्र में उनके विशिष्ट योगदान को पूरे समाज और नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। उनके ग्रंथों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और आध्यात्मिक-सामाजिक योगदानों को प्रेरणा के तौर पर विद्यार्थियों को समझाया जाएगा। स्वामी ब्रह्मानंद के तपोमय जीवनचरित ग्रंथ का लोकार्पण और परिचर्चा भी की जाएगी। वृंदावन के परमहंस आश्रम ब्रह्मानंद सेवा ट्रस्ट (लुक्सा जोहड़ावाले) और काशी की नवभारत निर्माण समिति की ओर से 15 जुलाई को शाम चार बजे से शाम सात बजे तक ये कार्यक्रम कराया जाएगा।