्रबीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व विभाग की शोध छात्रा गुनिया यादव को सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र से सम्मानित किया गया है। उन्हें नमिता जोशी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय पुरातत्व सोसाइटी, भारतीय प्रागैतिहासिक और चतुर्थक अध्ययन सोसाइटी के साथ ही इतिहास और संस्कृति सोसाइटी की ओर से संयुक्त रूप से दिया गया। यह वार्षिक सम्मेलन 9 से 11 जनवरी तक लखनऊ विश्वविद्यालय के मानवशास्त्र विभाग में आयोजित हुआ था। गुनिया ने अपने शोधपत्र निजामाबाद और उसके आस-पास मृदभांड निर्माण परंपरा की निरंतरता: एक नृवंशविज्ञानिक सर्वेक्षण शीर्षक से प्रस्तुत किया। अपने अध्ययन में उन्होंने निजामाबाद और उसके आसपास के पारंपरिक कुम्हार समुदाय के जीवन, सांस्कृतिक निरंतरता और मृदभांड निर्माण की परंपराओं का विश्लेषण किया है। उनके शोध का विशेष केंद्र महिलाओं की भूमिका, उनके श्रम और पारंपरिक शिल्प के माध्यम से उनके आर्थिक सशक्तिकरण की संभावनाओं पर केंद्रित है। इन्होंने डॉ. विराग सोनटक्के और प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व विभाग के वर्तमान अध्यक्ष प्रो. महेश प्रसाद अहिरवार के निर्देशन में काम किया है।