बीएचयू में लैंगिक समानता और समावेशन की दिशा में अनुकरणीय प्रयास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने विश्वविद्यालय की सराहना की है। इसके लिए विश्वविद्यालय को गति अचीवर के रूप में मान्यता दी गई है। विभाग ने परिकल्पित गति (संस्थानों में बदलाव हेतु लैंगिक समानता) कार्यक्रम के तहत बीएचयू के कार्य के लिए यह सम्मान दिया। लैंगिक समानता के इस पहल का उद्देश्य स्टेम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और गणित) में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है। इसकी शुरुआत 2020 में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर राष्ट्रपति ने की थी। कार्यक्रम से स्टेम में महिलाओं के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए अगले पांच वर्षों के लिए मान्यता मिली है।
कार्यक्रम की नोडल वैज्ञानिक प्रो. मधुलिका अग्रवाल ने बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने ब्रिटिश काउंसिल के साथ मिलकर स्टेम में लैंगिक समानता के आधार पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थानों का मूल्यांकन करने के लिए एक तंत्र तैयार किया है। गति समूह में प्रो. रोयना सिंह (आईएमएस), प्रो. एलएम अग्रवाल (आईएमएस), प्रो. नीलम श्रीवास्तव (महिला महाविद्यालय), प्रो. बीके सिंह (विज्ञान संस्थान), प्रो. प्रत्यूष शुक्ला (जैव प्रौद्योगिकी स्कूल), डॉ. मंजरी गुप्ता (डीएसटी-सीआईएमएस), प्रो. वीके मिश्रा (आचार्य प्रभारी, दक्षिणी परिसर) शामिल हैं।