150 साल पुराना चारू महल अब बीएचयू के रणवीर संस्कृत विद्यालय का हॉस्टल होगा। भवन की मरम्मत और जरूरी सुविधाओं के विकास के साथ बीएचयू ने इसे रणवीर संस्कृत विद्यालय को सौंप दिया। चारू महल भवन में 120 विद्यार्थियों के रहने की सुविधा मिल सकेगी।
1883 में स्थापित रणवीर संस्कृत विद्यालय 1918 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंतर्गत आया था। रणवीर संस्कृत विद्यालय में देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी अध्ययन के लिए आते हैं। विद्यालय के लिए छात्रावास की समस्या लंबे समय से चुनौती रही है। भवन में 20 फ्लैट और 52 कमरे हैं। कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने कहा कि अध्ययन के लिए दूसरे शहरों से आने वाले संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों की आवश्यकताएं अन्य विद्यार्थियों की तुलना में अलग होती हैं। इसलिए रणवीर संस्कृत विद्यालय में छात्रावास उपलब्धता को प्राथमिकता दी गई। रणवीर संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. आनंद कुमार जैन ने बताया कि दो मंजिला भवन जर्जर था और इसकी क्षमता का पूरी तरह इस्तेमाल हो रहा था। इसकी मरम्मत कराई गई और जरूरी सुविधाएं विकसित की गईं। अब इस भवन में 120 विद्यार्थी रह सकेंगे।