बीएचयू अस्पताल में फर्जी इंटर्नशिप कराने के मामले में चिकित्सा अधीक्षक की ओर से गठित दूसरी समिति ने शनिवार से जांच शुरू कर दी। इस समिति के अध्यक्ष मनोचिकित्सा विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजय गुप्ता हैं। प्रो. संजय ने चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से जानकारी हासिल की है। साथ ही अस्पताल में इंटर्न की ड्यूटी लगाने, किस इंटर्न की ड्यूटी कहां और कब से कब तक लगाई गई, इसकी जानकारी विभागाध्यक्षों से तलब की है।
बीएचयू अस्पताल के चार डॉक्टरों (एमबीबीएस इंटर्न) ने अपनी जगह फर्जी इंटर्न से ड्यूटी कराई। यह मामला सामने आया तो आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो एसके सिंह ने जांच कराई। इसकी रिपोर्ट कुलपति प्रो एसके जैन को सौंप दी गई है। अब गेंद कुलपति के पाले में है। बताया जा रहा है कि पहली जांच समिति की रिपोर्ट पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।
यह मामला चल ही रहा था, इसी बीच एक और जांच समिति गठित कर दी गई। चिकित्सा अधीक्षक की तरफ से गठित समिति में अध्यक्ष सहित पांच सदस्य रखे गए हैं। इसी मामले में डॉ सौमिक डे, डॉ कृति अरोड़ा, डॉ नितिन और डॉ शुभम के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज है।
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