नवजात की सर्जरी करने वाली डॉक्टरों की टीम
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डॉ. वैभव पांडेय भी बच्चे की हालत देख हतप्रभ रह गए। उनका कहना है कि वैसे तो बहुत से बच्चों की जांच और सर्जरी की है, लेकिन दिव्यांश का केस बीस साल में पहली बार देखा।
ओटी में ले जाने पर पता चला कि उसका अंडकोश बाहर आ गया है और लिंग पूरी तरह से कुत्ते ने काट लिया था। मूत्र का मार्ग भी नहीं था। लिंग के आसपास जो थोड़ी बहुत चमड़ी थी, उससे मूत्र मार्ग बनाया गया। आगे चलकर बच्चे की और भी सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
यह सर्जरी एक ऐसी शल्य चिकित्सा है, जिसमें मूत्र नलिका की रुकावट को सही किया जाता है। डॉ. वैभव पांडेय के अनुसार, सर्जरी के बाद आगे चलकर मूत्र प्रवाह में सुधार होने की संभावना अधिक रहती है। टीम में डॉ. सुनील, डॉ. रजत और डॉ. श्वेता शामिल रहे।