बीएचयू के दीक्षांत समारोह में पदक पाने वालों की सूची में मुख्य परिसर के अलावा कॉलेजों के मेधावियों ने भी अपना नाम दर्ज कराया। पदक लेकर प्राचार्य के पास पहुंचकर सभी ने आशीर्वाद लिया।
विश्वविद्यालय में मुख्य परिसर में होने वाले सभी आयोजनों में महिला महाविद्यालय के अलावा आर्य महिला पीजी कॉलेज, वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा, डीएवीपीजी कॉलेज और वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट में अध्ययनरत विद्यार्थी उत्साह के साथ शामिल होते हैं।
दीक्षांत समारोह में वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा से 2019-20 से दीपाली सिहारे, अंशु सिंह पटेल, अमिषा सिंह, यशस्वी राय को बीएचयू पदक जबकि रीनू पाल को रणधीर सिंह पदक मिला है। इसके अलावा 2020-21 में साक्षी मिश्रा को सौमिता दत्ता मेमोरियल स्वर्ण पदक, आकांक्षा को कुमार ऑफ संत रामपुर पुरस्कार से नवाजा गया है। 2020-21 में शिखा मिश्रा को एल मल्होत्रा मेमोरियल स्वर्ण पदक, नैनसी मौर्या और शैलजा सिंह यादव को बीएचयू स्वर्ण पदक मिला है। प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने सभी को बधाई दी।
बताया कि बीएचयू में पदक पाने वालों की सूची में नाम दर्ज कराकर छात्राओं ने कॉलेज का मान बढ़ाया है। यह अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उधर डीएवीपीजी कॉलेज के छह छात्रों ने भी स्वर्ण पदक प्राप्त किया। सत्र 2019-20 के लिए एमए इतिहास के छात्र सुरेंद्र गुप्ता को बीएचयू पदक, स्व. प्रो. हीरालाल सिंह स्मृति पदक, 2020-21 के लिए छात्र अमित कुमार को स्वर्ण पदक मिला। इसके अलावा 2021-22 में एमए इतिहास के छात्र सूरज मद्देशिया को भी प्रो. हीरालाल स्मृति और बीएचयू स्वर्ण पदक से नवाजा गया।
इसके अलावा छात्रा श्रेया राज को बीएचयू पदक समेत पांच पदक मिले। अन्वेषा को मुनेसरा देवी स्मृति पदक, छात्र प्रांजल गिरी को बीएचयू स्वर्ण पदक, बाबा कीनाराम स्वर्ण पदक दिया गया। प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह ने छात्रों को बधाई देते हुए सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया।
वर्ष 2020- डॉ. रविशंकर सिंह, भूगोल विभाग विज्ञान संकाय और डॉ. रघुनाथ दास श्री वैष्णव, व्याकरण विभाग, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय
वर्ष 2021- डॉ. अनूप मिश्र, अर्थशास्त्र विभाग, प्राचीन इतिहास, सामाजिक विज्ञान संकाय
वर्ष 2022
डॉ. सचिन कुमार तिवारी, प्राचीन इतिहास विभाग, कला संकाय।
प्रो. ज्योत्सना श्रीवास्तव दर्शनशास्त्र विभाग, कला संकाय।
डॉ. अमलधारी सिंह, संस्कृत विभाग, कला संकाय।
डॉ. शिल्पा सिंह, संस्कृत विभाग, कला संकाय।