काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पीजी पाठ्यक्रमों (PG Courses) में प्रवेश प्रक्रिया के दूसरे चरण के बाद 70 फीसदी सीटें भर गईं हैं। लगभग 2500 सीटें अब भी खाली हैं। उन पर दाखिले के लिए अब तृतीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। पांच जुलाई से तीसरे चरण की दाखिला प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की कुल लगभग 8500 सीटों पर दाखिले के लिए प्रवेश प्रक्रिया 11 जून से चल रही है। पहले चरण में 17 जून तक कैंपस और चारों महाविद्यालयों की 4100 से अधिक सीटों पर दाखिला हुआ था। इसके बाद 24 जून से दूसरे चरण की दाखिला प्रक्रिया शुरू हुई।
इसमें शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई थी। मंगलवार को दूसरे चरण के दाखिले की तस्वीर साफ हुई। दूसरे चरण में लगभग 2000 छात्र-छात्राओं ने शुल्क जमा कर प्रवेश लिया।
बीएचयू केंद्रीय प्रवेश समिति के चेयरमैन प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने बताया कि दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुल 70 फीसदी सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। खाली 30 फीसदी सीटों पर प्रवेश के लिए तीसरे चरण का प्रवेश शेड्यूल जारी करने की योजना बनाई जा रही है।
इसके लिए समर्थ के दिशा निर्देशन का इंतजार है। पांच जुलाई से तीसरे चरण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि बीएचयू पीजी में दाखिले की प्रक्रिया जरूरत के मुताबिक पांच चरणों तक चलाई जा सकती है।
डीयू में मौके की आस में स्टूडेंट
समर्थ पोर्टल पर पीजी की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने में काशी हिंदू विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश रीजन में सबसे आगे रहा है। मगर, अब दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। डीयू में प्रवेश के इच्छुक कई अभ्यर्थियों ने बीएचयू में भी आवेदन किया है। इससे उन्हें डीयू में प्रवेश का इंतजार है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला मिलने के बाद ऐसे कुछ अभ्यर्थियों ने बीएचयू की सीट खाली भी की है। इससे सीट आवंटन के बाद भी सीटें खाली हो जा रही हैं। हालांकि सीएसी चेयरमैन ने इससे इन्कार किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत दौर में ऐसा प्रतीत हुआ था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
हमारे कॉलेजों से ही अभ्यर्थी मुख्य कैंपस की ओर रुख कर रहे हैं। इसलिए कॉलेजों की कुछ सीटें खाली हुई हैं। सीटें खाली न जाएं, इसलिए अगले चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।