बीएचयू में आए दिन होने वाले बवाल को देखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन और पुलिस ने कैंपस में महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की थी। महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से छात्राओं की सुरक्षा के साथ ही पुलिस को कैंपस के अंदर की सूचनाएं भी मिलती रहती थीं।
अब बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने डीएम योगेश्वर राम मिश्र को पत्र लिखकर महिला सुरक्षाकर्मियों को वापस लेने की मांग की है। फिलहाल जिला प्रशासन से छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए इससे इनकार किया है। इस संबंध में पुलिस रिपोर्ट के बाद जल्द ही जिला प्रशासन और बीएचयू के जिम्मेदार अधिकारियों के बीच बैठक होनी है।
बीएचयू में बीते 23 सितंबर को छात्रों और बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद के बाद जमकर बवाल हुआ था। कुछ छात्राओं को भी चोट आई थी। घटना के बाद से जिला प्रशासन ने बीएचयू परिसर में महिला महाविद्यालय और महिला छात्रावासों के बाहर 17 महिला होमगार्ड की तैनाती की थी।
इसके लिए बीएचयू की ओर से अनुरोध भी किया गया था। पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के जरिए तैनाती हुई थी। अब ये महिला सुरक्षाकर्मी बीएचयू को रास नहीं आ रही हैं। प्रो. रोयाना सिंह का कहना है कि छात्रावासों में रहने वाली कई छात्राओं ने महिला सुरक्षाकर्मियों की शिकायत की है।
ऐसे में विश्वविद्यालय में 17 महिला सुरक्षाकर्मियों को हटाने का फैसला किया है। फिलहाल डीएम ने एडीएम सिटी और एसपी सिटी से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। दरअसल बीएचयू के निजी सुरक्षाकर्मियों से इन महिला होमगार्डों का तालमेल नहीं बैठ रहा है।
कैंपस के अंदर की सूचनाएं भी महिला होमगार्डों के जरिए पुलिस को मिलती हैं। बीएचयू प्रशासन इसे लेकर नाराज था। वह नहीं चाहता कि कैंपस के अंदर की हर सूचना पुलिस तक पहुंचे। महिला होमगार्डों को हटवाने के पीछे यही विवाद बताया जा रहा है।