मधुर मनोहर अतीव सुंदर, ये सर्व विद्या की राजधानी का भाव अब सात समंदर पार रहने वाले छात्रों के मन में तरंगित हो रहा है। महामना की बगिया विदेशी छात्रों की पहली पसंद बनी है। शैक्षिक सत्र 2018-19 के दौरान बीएचयू में 141 विदेशी छात्र पढ़ते थे। अब (शैक्षिक 2023-24) यह संख्या 300 के पार पहुंच गई है।
बीएचयू में 40 से अधिक देशों के छात्र स्नातक, स्नातकोत्तर के साथ ही शोध और डिप्लोमा पाठयक्रमों में अध्ययन कर रहे हैं। कुछ वर्षों में छात्रों की बढ़ी संख्या को देख विश्वविद्यालय प्रशासन भी सुविधाओं में बढ़ोतरी कर रहा है। विदेशी छात्रों के रहने के लिए जहां अलग से इंटरनेशनल सेंटर बनवाया गया है। यहां उनके खानपान, और खेलकूद की व्यवस्था भी है। वहीं, छात्राओं के लिए भी नया हॉस्टल बनकर तैयार है।
विश्वविद्यालय में पढ़ाई का माहौल और रहने की व्यवस्था को देख विदेशी छात्रों का झुकाव बढ़ रहा है। इस समय नेपाल, बांग्लादेश, मारीशस, नैरोबी, थाईलैंड, म्यांमार, कंबोडिया, जापान, दक्षिणकोरिया, श्रीलंका, यूएसए, बांग्लादेश, भूटान, इंग्लैंड समेत 40 देशों के करीब 300 छात्रों ने दाखिला लिया है।
एक नजर में
साल छात्र
2018-19 141
2019-20 132
2020-21 102
2021-22 120
2022-23 276
2023-24 300
विदेशी छात्रों में विश्वविद्यालय में अध्ययन के प्रति जो रुझान बढ़ रहा है, वह बहुत महत्वपूर्ण है। छात्रों की सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ ही उनसे संवाद भी जारी है। विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जा रही हैं। विदेशी छात्रों के दाखिले व उनसे जुड़े मामलों के निपटारे की उचित व्यवस्था बनाई गई है। -
प्रो. एसके जैन, कुलपति, बीएचयू