पं. चंदनकृष्ण शास्त्री ने कहा कि भागवत कथामृत श्रवण से मानव जीवन शोक, काम, क्रोध, लोभ से मुक्त होकर कृतार्थ होता है। भगवान की प्राप्ति सर्वश्रेष्ठ मार्ग भक्तियोग है। महाप्रभु श्रीवल्लभाचार्य प्राकट्य महोत्सव पर श्री शुद्धाद्वैत जप यज्ञ समिति की ओर से चौखंभा स्थित वल्लभगीता श्रीकृष्ण भवन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को उन्होंने कहा कि महाप्रभु भूतल पर अवतरण भागवत के गुण, अर्थाें को जन-जन के कल्याण के लिए ही हुआ था। भागवत की कथा से मानव जीवन के समस्त दुखों एवं जीवन की समस्याओं का समाधान होता है। जीवन परमानंद से धन्य हो जाता है। पं. चंदन कृष्ण शास्त्री ने वैष्णवजनों को संगीतमय प्रस्तुति से भागवत रस के आनंद से परिपूर्ण कर दिया। अध्यक्ष गोस्वामी कल्याण राय महाराज ने कहा कि वैष्णव जनों का परम कर्तव्य है कि वे निरंतर जीवन में भगवत नाम स्मरण, भगवान की सेवा, कीर्तन, भजन एवं भागवत कथामृत श्रवण और मनन करें। अशोक वल्लभदास ने बताया कि कथा 8 से 11 बजे तक एवं शाम चार बजे से 7ः30 बजे तक चलेगी।