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मुक्ति के साथ जीवन जीने की कला सिखाती है भागवत कथा : पं. चंदन कृष्ण शास्त्री

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भागवत ममर्ज्ञ पं. चंदन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भागवत की कथा मुक्ति के साथ जीवन जीने की कला सिखाती है। इसमें भक्ति, ज्ञान और वैराग्य तीनों हैं। भागवत के श्रवण से मानव में इन तीनों के साथ भक्ति स्थापित हो जाती है। उसका मानव जीवन सार्थक हो जाता है। भागवत भगवान का साक्षात स्वरूप है। इसकी भाषा समाधि है। जगद्गुरु श्रीवल्लभाचार्य महाप्रभु के प्राकट्य महोत्सव के शुभारंभ पर सोमवार को चौखंभा स्थित गीता भवन बेटी जी मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ मंदिर के कल्याण महाराज ने मदन लाल की आरती और पूजन कर किया। कल्याण महाराज ने कहा कि पुष्टिमार्ग का उद्देश्य भगवान की सेवा, प्रभु की लीलाओं का दर्शन और कीर्तन है। अशोक वल्लभदास अग्रवाल ने कहा कि काशी महाप्रभु वल्लभाचार्य का गोकुल है। उन्होंने जतनबर से ही श्रीमद्भागवत का सप्ताह पारायण किया था। उन्होंने बताया कि कथा प्रतिदिन सुबह आठ से 11 बजे तथा शाम को चार से साढ़े सात बजे तक होगी। 11 दिवसीय महाप्रभु के प्राकट्योत्सव पर 13 अप्रैल को शोभायात्रा निकाली जाएगी। 16 अप्रैल को पूर्णाहुति होगी।
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