श्री शिव हनुमान मंदिर जाल्हूपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को मथुरा के कथावाचक बाल विकास कृष्ण शरण महाराज ने कहा कि कलयुग में बढ़ते अपराध, भोग-विलास, मोह-माया और आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण मनुष्य अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य से भटक गया है। कहा कि जीवन को सफल, सुखमय और सार्थक बनाने का एकमात्र मार्ग श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण और भगवान का निरंतर स्मरण है। शरणागत भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं। बालव्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव को माया रूपी भवसागर से पार लगाने का सशक्त साधन है। इसके श्रवण से मन शुद्ध होता है, संस्कार जागृत होते हैं और व्यक्ति धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर होता है। उन्होंने लोगों को अपने जीवन में सत्संग, सेवा और भक्ति को अपनाने का आह्वान किया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्त प्रह्लाद, ध्रुव चरित्र और गजेंद्र मोक्ष जैसे प्रेरणादायी प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया। आरती से कथा को विराम दिया। इस मौके पर यजमान संतोष बरनवाल, पप्पू लहरी, लक्ष्मी नारायन पांडेय, लल्लन यादव आदि रहे।