उद्यान विभाग की नर्सरी में एक हजार से ज्यादा पौधे बर्बाद हो रहे हैं। उसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। जबकि उद्यान विभाग हर साल लाखों पौधे रोपकर उनकी सुरक्षा का दावा करता है। जिसको लेकर अधिकारी अनजान बने हुए हैं।
जिले में वन विभाग की ओर से 12 लाख और उद्यान विभाग की ओर से 66 हजार पौधों लगाने का लक्ष्य है। जिसके लिए दोनों विभागों की नर्सरी में फलदार, छायादार पौधों की नर्सरी तैयार की जा रही है। हर साल जिले में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान भी आयोजित किया जाता है, लेकिन पौधों की सुरक्षा न होने के कारण उसमें 20 से 25 फीसदी ही बच पाते हैं। विभाग हर साल लगाए जाने वाले पौधे की सुरक्षा का दावा जरूर करता है, लेकिन क्षतिग्रस्त ट्री गार्ड और देखरेख न होने से पौधे सुरक्षित नहीं रह पाते। दूसरी तरफ वन विभाग की नर्सरी में ही तैयार किये जा रहे पौधे भी सुरक्षित नहीं रख पा रहा है। सरपतहां स्थित ज्ञानपुर रेंज कार्यालय में करीब 600 से 700 पौधों की नर्सरी देखरेख न होने के कारण सूख चुके हैं।
वर्जन इन दिनों नर्सरी की सफाई हो रही है। इस कारण खराब पाैधे छांटकर अलग किए गए हैं। -ममता यादव, जिला उद्यान अधिकारी।