वाराणसी। औरंगाबाद बाजार को सीवर समस्या ने बर्बाद कर दिया है। वर्षों से सीवर समस्या का समाधान नहीं होने से बाजार में व्यापार प्रभावित हो रहा है। औरंगाबाद चौराहा-लल्लापुरा तक सीवर पाइप लाइन ध्वस्त होने से स्थिति नारकीय हो गई है। सुबह व शाम के समय बाजार में पानी फैला रहता है, इसी होकर ग्राहक सहित दुकानदार आने जाने को विवश है। 80 दशक से बाजार ने विस्तार लेना शुरू किया तो बढ़ता ही गया। मगर, समस्याओं पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। सीजनल व्यापार के लिए प्रसिद्ध औरंगाबाद बाजार में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। 300 से अधिक छोटे-बड़े दुकानों को समेटे बाजार में सीवर, शौचालय, साफ-सफाई, पार्किंग व जाम सहित जर्जर सड़कों ने ग्राहकों को बेहाल कर रखा है। व्यापारियों के अनुसार कई बार शिकायत पत्र जिला प्रशासन से लेकर नगर निगम को सौंपा गया मगर, निस्तारण कुछ नहीं निकला। औरंगाबाद बाजार पतंग, आलमारी, कूलर, सुर्ती, पान और नमकीन के लिए जाना जाता है।
सीवर की समस्याओं ने बाजार पर असर डाला है। अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन निदान नहीं हो सका।- राजकुमार जायसवाल, प्रमुख व्यापारी,औरंगाबाद
बाजार की सड़कें जर्जर हैं, सीवर का पानी दुकानों में घुस जाने से काफी परेशनियों का सामना करना पड़ता है। -गोलू चौरसिया- व्यापारी
बाजार में महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है। दूर दराज से आने वाले ग्राहकों परेशान होना पड़ता है। राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, व्यापारी
दुकानों की संख्या बढ़ती गई, लेकिन पार्किंग की सुविधाएं नहीं बढ़ी। नई सड़क की ओर से वाहनों के आने से जाम लगता है। - सत्यम चौरसिया, व्यापारी
सीवर, जर्जर सड़क के अलावा जाम और पार्किंग की प्रमुख समस्या है। इनसे निजात मिल जाए तो लोगों को राहत मिले। - चंद्रशील पांडेय, ग्राहक
बाजार में पार्किंग की सुविधा नहीं होने से वाहनों को जहां-तहां खड़ा करना पड़ता है। पार्किंग की सुविधाएं होनी चाहिए। - सुमित पांडेय, ग्राहक
अतिक्रमण और जाम ने बाजार की सूरत बिगाड़ दी है, लेकिन किसी अधिकारी का ध्यान इस ओर नहीं है।- महताब आलम, ग्राहक
साफ-सफाई और पार्किंग की असुविधाओं से इस बाजार में आने का मन नहीं करता है। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। -इंतेखाब खान, ग्राहक
प्रमुख समस्याएं
-सीवर ध्वस्त से परेशानियां
-पार्किंग की सुविधाएं नहीं
- एक भी शौचालय नहीं
-सुरक्षा की कमी
- अतिक्रमण से घिरा है बाजार
सुझाव
-नगर निगम पार्किंग बनाए
- ध्वस्त सीवर का मरम्मत हो
- दो से तीन शौचालय बने
-अतिक्रमण हटाए जाएं