बजड़े, बड़े नाव और क्रूज पर नववर्ष की स्वागत पार्टी करने पर जल पुलिस ने रोक लगा दी है। 30 दिसंबर की शाम से गंगा में जल पुलिस की गश्त बढ़ा दी जाएगी। शाम पांच बजे के बाद गंगा उस पार नावें नहीं जाएंगी। उक्त निर्णय बृहस्पतिवार दोपहर दशाश्वमेध घाट पर आयोजित जल पुलिस और नाविकों की बैठक में लिए गए।
जल पुलिस प्रभारी मिथिलेश यादव ने बताया कि बैठक में नाविक समाज को सुरक्षा उपाय के साथ गंगा में नौका संचालन करने को कहा गया है। बिना सुरक्षा उपायों के नाव चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पर्यटकों की भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल पुलिस के साथ एनडीआरएफ और पीएसी की ओर गंगा में गश्त करने का बंदोबस्त किया गया है। प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों की नावों को जब्त करने के साथ ही उनकी नावों का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति नगर निगम से की जाएगी।
मां गंगा निषादराज सेवा न्यास के अध्यक्ष प्रमोद मांझी ने कहा कि आरती देखने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। अगर काशी विश्वनाथ कारिडोर में भी गंगा आरती कराई जाय तो दशाश्वमेध घाट की भीड़ कुछ बंट जाएगी। इस दौरान सरजू साहनी, बाबू साहनी, विनोद साहनी, शंभू साहनी मौजूद रहे।
शाम सात बजे के बाद गंगा में नहीं चलेगी नाव
जल पुलिस ने गंगा में नौका संचालन के लिए गाइडलाइन जारी की है। जल पुलिस के मुताबिक 31 दिसंबर और एक जनवरी को शाम सात बजे के बाद गंगा में नौका संचालन नहीं होगा। गंगा आरती के पश्चात नाविक अपनी नाव की गति धीमी रखेंगे, नाव पर प्रत्येक व्यक्ति को लाइफ जैकेट का प्रयोग करना होगा। किसी भी आपात स्थिति में 7839856996 अथवा 112 पर सूचना दी जा सकती है।