मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हिमांशु नागपाल ने मंगलवार को कार्यों में लापरवाही बरतने पर बजरडीहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को हटाया दिया है। साथ ही सेवापुरी और आराजीलाइन के स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। वह आयुष्मान भारत योजना के तहत बनाए जा रहे गोल्डन कार्ड की प्रगति की वर्चुअल समीक्षा कर रहे थे।
इस दौरान सीएमओ ने बताया कि जिले में 12 लाख 82 हजार 440 लोग आयुष्मान कार्ड के लिए पात्र हैं। इनका गोल्डन कार्ड बनाया जाना है। जबकि अब तक महज 45 फीसदी यानि 5 लाख 72 हजार 198 कार्ड ही बने हैं। इससे खफा सीडीओ ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों व अन्य कर्मचारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को कहा कि 55 फीसदी गोल्डन कार्ड सात दिन के अंदर बनाएं। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहां पर 20 हजार से अधिक लाभार्थी हैं, वहां एक कंप्यूटर और एक कर्मचारी तैनात कर प्रतिदिन 150 गोल्डन कार्ड बनावाएं। साथ ही दस हजार से अधिक लाभार्थी वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन 100 कार्ड बनाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सहायक और आशा के माध्यम से प्रतिदिन 70 गोल्ड कार्ड बनाएं। पंचायत सहायकों को कोटेदार की दुकान पर जाकर तीन दिन में बचे हुए लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनवाएंं। सहायक श्रम आयुक्त को कहा कि जहां पर मजदूरों के आवेदन अधिक लंबित हैं, वहां कैंप लगवा कर चिकित्सा अधिकारी के सहयोग से गोल्डन कार्ड बनवाएं। बैठक में सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी, जिला पूर्ति अधिकारी उमेश चंद मिश्र समेत सभी खंड विकास अधिकारी और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी जुड़े।