विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर बृहस्पतिवार को आर्य महिला पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम चेंजिंग द नैरेटिव ऑन सुसाइड यानी आत्महत्या के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव रखी गई है। कार्यक्रम में लोगों को खुलकर संवाद के लिए प्रेरित किया गया। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डी. उषा वर्मा श्रीवास्तव ने कहा कि आत्महत्या गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। हर साल अनुमानतः 7.27 लाख लोगों की मौत आत्महत्या के कारण होती है। 15 से 29 वर्ष के युवाओं में यह मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को समाप्त करने और जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान पोस्टर, वन मिनट वीडियो और निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो. रचना दुबे ने स्वागत किया। संचालन समन्वयक डॉ. गरिमा गुप्ता और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंशुल जायसवाल ने किया। इस दौरान डॉ. मिनाक्षी बाजपेयी, डॉ. आरुषि अग्रवाल, डॉ. बीथिका अग्रवाल और डॉ. पूजा शर्मा मौजूद रहीं।