रायफल क्लब के शूटिंग रेंज में आधुनिक आटोमेटिक टार्गेट मशीन लगाई जाएगी। तीन करोड़ 69 लाख रुपये से 36 मशीनें लगाई जाएंगी। इसमें 10 मीटर पिस्टल निशानेबाजी के लिए 22 आटोमेटिक टार्गेट मशीन और 50 मीटर निशानेबाजी के लिए 14 आटोमेटिक टार्गेट मशीन मंगाई जाएंगी।
अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही मशीनें मंगाकर इंस्टाल करा दी जाएंगी। प्रदेश के पहले बहुमंजिला अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज का लोकार्पण 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। 5.3 करोड़ रुपये की लागत से तैयार शूटिंग रेंज पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच कराए जाएंगे।
नई मशीनों से होगा सटीक मूल्यांकन
नई मशीनों के लग जाने से निशानेबाजी का सटीक मूल्यांकन हो सकेगा। पहले मैनुअल मूल्यांकन होता था। इसमें गड़बड़ी की आशंका रहती थी। शूटिंग रेंज के ग्राउंड फ्लोर पर 50 मीटर राइफल रेंज की क्षमता की 14 लेन की ओपन रेंज है। इसमें एक समय में 14 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले सकते हैं। पहली मंजिल पर 22 लेन की 10 मीटर पिस्टल रेंज की क्षमता का इंडोर रेंज बनाया गया है।