महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में शनिवार को साइकी स्पीक-IV में कार्यशाला हुई। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से आईं मुख्य संसाधन विशेषज्ञ एना टेट ने नैरेटिव थेरेपी पर बातें कीं। कहानियों, अनुभवों और तकनीक के माध्यम से बताया कि कथा आधारित परामर्श व्यक्ति की पहचान करना बताया। डॉ. आशीष गुप्ता ने मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेपों की सामाजिक उपयोगिता और सामुदायिक कल्याण में उनकी भूमिका को बताया।