बीएचयू के महिला महाविद्यालय में भारतीय अभिव्यक्ति की खोज विषय पर आधारित शक्ति संवाद 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने यह प्रश्न उठाया कि क्या हमें अपने पूर्वजों से जो प्राप्त हुआ है, उसे आगे बढ़ा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतीत में आक्रमण और विनाश हुए, लेकिन आज यदि हम प्रयास नहीं करेंगे तो हमारी संस्कृति अपने आप जीवित नहीं रह पाएगी। यह भी स्वीकार किया कि ईमेल, वेबसाइट, सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम जैसी चीजें जरूरी हैं। आज खतरा बाहर से होने वाले सांस्कृतिक आक्रमणों से नहीं है। पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकारों के माध्यम से संस्कृति को कैसे सुरक्षित किया जा सकता है और यह किस प्रकार सांस्कृतिक संपदा अधिकारों की रक्षा कर सकता है। सत्र के अंत में प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि हमें सीधे प्रश्न पूछने चाहिए।