मंडलीय कार्यालयों को एकीकृत करने के लिए प्रस्तावित कमिश्नरी बिल्डिंग यानी ट्विन टावर के निर्माण को शासन ने हरी झंडी दे दी है। विकास प्राधिकरण को इस परियोजना की जिम्मेदारी सौंपते हुए इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर)भी मांगी है। मंडलीय कार्यालय की डिजाइन में वाराणसी की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी।
मंडलायुक्त कार्यालय परिसर में 40 से ज्यादा कार्यालय के लिए 10-10 मंजिल का ट्विन टावर को बनाया जाएगा। निर्माण में खर्च होने वाले 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था विकास प्राधिकरण पांच अलग अलग सरकारी कार्यालयों की जमीन को बेचकर जुटाएगा। इसमें भूमिगत पार्किंग भी बनाई जाएगी। इसे सर्किट हाउस परिसर में बने भूमिगत पार्किंग से जोड़ा जाएगा। इसमें 38.84 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बता दें कि कमिश्नरी परिसर में प्रस्तावित डमरू के आकार वाली 18 मंजिला ट्विन टावर के लिए निजी विकासकर्ताओं के रुचि नहीं लेने के बाद अब इसके मॉडल में बदलाव किया गया है। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि शासन से इस परियोजना को मंजूर कर लिया गया। इसमें विकास प्राधिकरण से विस्तृत कार्ययोजना मांगी गई है। डीपीआर मंजूर होने के बाद कमिश्नरी बिल्डिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।