नकली दवा बेचने वाले गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार
- 13 नामजद आरोपियों की तलाश, अब तक सरगना सहित तीन पकड़े गए
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। नकली दवाओं की बिक्री के मामले में बृहस्पतिवार को सिगरा थाने की पुलिस ने नामजद आरोपी सप्तसागर निवासी मोहम्मद रेहान को गिरफ्तार किया। बनारस से लगायत पूर्वांचल सहित अन्य राज्यों में नकली दवाइयां बेचने वाले गिरोह के 13 अन्य सदस्य अभी भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके हैं। बुधवार को इसी गिरोह का सदस्य कतुआपुरा निवासी बंटी उर्फ अमित यादव गिरफ्तार किया गया था।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने बीते दो मार्च को सिगरा क्षेत्र की चर्च कॉलोनी से सिकंदराबाद निवासी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था। चर्च कॉलोनी स्थित अशोक के मकान और लहरतारा स्थित गोदाम से लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये की नकली दवाइयां बरामद कर एसटीएफ ने अशोक को सिगरा थाने की पुलिस को सौंप दिया था। पूछताछ में अशोक ने बताया था कि नकली दवाओं की खेप वह हिमाचल प्रदेश से मंगवाता है। उसे नकली दवाओं की खेप हरियाणा के पंचकुला का अमित दुआ और हिमाचल प्रदेश के बद्दी की रजनी भार्गव व सुनील भेजते हैं। पूर्वांचल से लेकर बिहार और अन्य राज्यों में वह वाराणसी के नीरज चौबे, डॉ. मोनू, रेहान, बंटी, शशांक मिश्रा व एके सिंह, सोनभद्र के अभिषेक कुमार सिंह, प्रयागराज के रोहन श्रीवास्तव, पटना के रमेश पाठक व दिलीप, पूर्णिया के अशरफ और हैदराबाद निवासी लक्ष्मण के साथ नकली दवाओं का धंधा करता है। इंस्पेक्टर सिगरा राजू सिंह ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेहान मैदागिन में मौजूद है। इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर क्राइम श्रीप्रकाश सिंह के साथ घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में रेहान ने बताया कि जेल भेजे गए अशोक से वह नकली दवाएं खरीद कर पूर्वांचल के ग्रामीण इलाकों के मेडिकल स्टोर और क्लीनिक संचालकों को बेचता था।