बनारस स्टेशन का प्रस्तावित मॉडल
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बनारस और वाराणसी सिटी स्टेशनों पर आगामी 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यात्री सुविधाओं और विकास कार्यों का खाका खींचा जाएगा। रेल अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि स्टेशनों पर बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, एग्जिक्यूटिव लाउंज और अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप साइनेज का प्रावधान किया जाए। शहर के दोनों हिस्सों से स्टेशनों का जुड़ाव होगा, ताकि वह सिटी सेंटर के रूप में उभरेंगे। वहीं, स्थानीय स्थापत्य कला व संस्कृति के अनुरूप स्टेशन भवन को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। स्टेशन भवन में सुधार, विकास और शहर के दोनों हिस्सों के साथ ही स्टेशन को एकीकृत करने और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, स्टैंडर्ड साइनेज, पर्यावरण अनुकूल कार्य किए जाएंगे, ताकि यह सिटी सेंटर के रूप में उभरें।
पूर्वोत्तर रेलवे के आदर्श स्टेशनों में शुमार बनारस स्टेशन के पहले प्रवेश द्वार भवन का स्वरूप बदलेगा। आकर्षक प्रवेश द्वार, सर्कुलेटिंग एरिया के ड्रैनेज व्यवस्था में सुधार, अत्याधुनिक प्रसाधन केंद्रों का निर्माण, सर्विस भवन में सुधार, यात्रियों के लिए नौ लिफ्ट, दो ऐस्केलेटर और 12 मीटर चौड़े एफओबी का निर्माण किया जाएगा।
वाराणसी सिटी स्टेशन भवन को आकर्षक स्वरूप देने के साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया, एप्रोच रोड व प्लेटफॉर्म संख्या एक पर सुधार कार्य किया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित वेटिंग हॉल व प्रसाधनों का निर्माण होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए पांच लिफ्ट, चार एस्केलेटर के साथ ही 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज बनेगा। स्टेशन को सुंदर और आकर्षक दिखने के लिए फसाड लाइटिंग की जाएगी।