अकीदत व एहतराम के साथ नमाजियों ने चिलचिलाती धूप में भी अलविदा की नमाज अदा की। मस्जिदें नमाजियों से भरी रहीं। नमाज के बाद दुआ के लिए बारगाहे इलाही में रोजेदारों के हाथ उठे। लोगों ने रब से मुल्क में अमनचैन और तरक्की की दुआएं मांगी। सुबह से ही घरों में नमाज को लेकर उल्लास था। समय से पहले ही बड़ों संग बच्चे भी मस्जिदों में पहुंचे। पेश इमामों ने रुखसत हो रहे रमजान को लेकर तकरीर की। कहा कि खुशनसीब हैं हम सब कि परवर दिगार ने इस मुकद्दस माह अता फरमाया। इस दौरान सदका-ए-फित्र अदा करने के बारे में भी मोमिनों को बताया गया। नदेसर जामा मस्जिद, लंगड़े हाफिज मस्जिद नई सड़क, शिया जामा मस्जिद दारानगर, लाट सैरया मस्जिद के अलावा पुलिस लाइन, अर्दली बाजार, दोषीपुरा, मुकीमगंज, बड़ी बाजार, पीलीकोठी, दालमंडी, हड़हा सराय, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, बजरडीहा आदि इलाकों की मस्जिदों में भी नमाज हुई।