कमिश्नरेट के डीसीपी खुद को अपने जोन का पुलिस कप्तान समझकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। अगस्त महीने में तीनों जोन के डीसीपी हत्या, दुष्कर्म, दहेज हत्या और गैंगस्टर एक्ट जैसे 75-75 मामलों का निस्तारण कराएं। इसके अलावा चिह्नित दो-दो अपराधियों के खिलाफ एनएसए, 21 गैंगस्टर और 60 गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर 60 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलें। यह निर्देश पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार की रात अपने कैंप कार्यालय में कमिश्नरेट के तीनों जोन के डीसीपी को दिया।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि टारगेट ओरिएंटेड पुलिसिंग के तहत प्रत्येक राजपत्रित अधिकारी को समयबद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। उनके प्रदर्शन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। तीनों डीसीपी को उनके जोन में तैनात पुलिस कर्मियों (थाना प्रभारी को छोड़कर) को निलंबित करने, लाइन हाजिर करने, जांच करने और दंडित करने की पूरी छूट दी गई है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि थानों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए आमजन के फीडबैक को गंभीरता से लें और शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी बनाएं। चिह्नित माफिया और अपराधियों की संपत्ति अभियान चलाकर जब्त की जाए। सभी अधिकारी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों की नियमित ब्रीफिंग कर उनकी कार्यक्षमता को उन्नत करें। इस दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) डॉ. के एजिलरसन, अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) एस चन्नप्पा के साथ ही सभी पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त व सहायक पुलिस आयुक्त मौजूद रहे।