एआई का इस्तेमाल फैक्ट-चेकिंग, स्टोरी डेवलपमेंट, डाटा इंटरप्रिटेशन और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन जैसे कार्यों में हो रहा है। मीडिया रिसर्च काफी बेहतर हो रहा है। ये सीख बीएचयू के पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग में शनिवार को छात्रों को दी गई। एआई वर्कशॉप से पत्रकारिता और मल्टीमीडिया विद्यार्थियों को सशक्त बनाया जा रहा है। एआई जर्नलिज्म ट्रेनर डॉ. रविनंदन बीबी ने कार्यशाला में परपेक्सिलिटी, गूगल जेमिनी, और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग पर बातचीत की। कार्यशाला में कौशल विकास प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो. एचपी शर्मा, सह-समन्वयक डॉ. राजकिरण प्रभाकर और प्रो. अनुराग दवे मौजूद रहे।