जिले के 138 परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं चलेंगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए हर स्कूल पर तकरीबन दो लाख 40 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। नए शिक्षा सत्र में इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। साल 2022-23 में बेसिक शिक्षा विभाग से इस संबंध में प्रस्तावित सूची को शासन से मंजूरी मिल गई है।
जिले में 2706 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक व 524 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इनमें 138 स्कूलों के बच्चे कान्वेंट स्कूलों की तरह स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाई करेंगे। इसके लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड व टीवी लगाया जाएगा। इनके जरिए दीक्षा सहित अन्य एप से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से पहली बार परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने के निर्देश जारी होने पर विभागीय स्तर पर विद्यालयों को चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
सीखने के अनुभव को बढ़ाती है स्मार्ट क्लास
बीएसए समीर ने कहा कि स्मार्ट क्लास में डिजिटल प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया सामग्री और शैक्षिक सॉफ्टवेयर जैसे डिजिटल संसाधनों को शामिल करके छात्रों के सीखने के अनुभव को बढ़ाती है। इस तकनीक का उद्देश्य छात्रों के लिए एक आकर्षक शैक्षिक वातावरण बनाना है। स्मार्ट क्लास बनने के बाद नौनिहालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
विद्यालयों की बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनेंगी, वहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए दरवाजों और गेट में डबल इंटरलॉक आदि लगवाया जाएगा। खिड़कियां मजबूत रखने के लिए ग्रिल लगाई जाएगी। प्रधानाध्यापक एवं प्रधान पर इन उपकरणों के रखरखाव की जिम्मेदारी होगी।
जिले के 138 परिषदीय, कंपोजिट व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चलाया जाएगा। विभाग द्वारा इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड एवं टीवी लगाया जाएगा। - समीर, बीएसए, आजमगढ़।