नगर निगम के 15 कुंडों में मां की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। कुछ बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन शुक्रवार को होगा। प्रतिमा विसर्जन के बाद बचने वाले निर्माल्य (पूजा सामग्री जैसे फूल, पत्तियां, हार और नारियल) का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। पहले चरण में फूलों और पत्तियों को अलग करके उनका खाद बनाया जाएगा। इसके बाद अगरबत्ती और धूपबत्ती का निर्माण होगा। यही नहीं गेंदे गुलाब से प्राकृतिक रंग बनाया जाएगा। गुलाल के अलावा नेचुरल डाई भी बनाई जाती है। गीले निर्माल्य से बायोगैस का निर्माण होता है। अजैविक निर्माल्य से प्लास्टिक की सजावट, चमकीले कपड़े, मुकुट, और चुनरी आदि का निर्माण होता है। नगर निगम के मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र ने बताया कि विसर्जन पूरी तरह से समाप्त होने के बाद सभी कुंडों की सफाई की जाएगी। इसमें फिटकरी आदि के जरिये साफ किया जाएगा। इसके बाद इसमें फिर से पानी भरा जाएगा।